50+ itna gussa shayari 2023 | इतना गुस्सा शायरी

itna gussa shayari-लोग सब काफी परेशान रहते हैं उन्हें हर बात पर गुस्सा आते रहता है. वह अपने चाहने वाले को भी नहीं छोड़ते और फिर गुस्सा निकालते रहते हैं. चाहने वाले को गुस्सा शांत करने के लिए इतना गुस्सा शायरी शेयर किया गया है. जिसमें आपको गुस्सा शायरी इतना गुस्सा शायरी जैसे बेहतरीन से बेहतरीन पढ़ने के लिए मिल जाएंगे.

हम लोग इस भागदौड़ की जिंदगी में इतना ज्यादा परेशान हो जाते हैं कि हम छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लग जाते हैं. जिनसे हम अपने गरीबी हमें चाहने वाले का दिल दुखा देते हैं, लेकिन हमें हमारे साथियों को भी समझना चाहिए कि हमारा साथी किसी वजह से परेशान रहता है. उन्हें प्यार से हैंडल करें उनसे प्यार से चीजों को हल करना सीखें यह तो बात हो गई सिचुएशन की समझने की बट जब इतना गुस्सा कोई कर जाए तो उन्हें टैग करके हमारे इस पोस्ट से इतना गुस्सा शायरी की मदद के लिए आपने अपना प्यार पर नाराजगी जता सकते हैं.

गुस्सा शायरी हिंदी में

itna gussa shayari

“जब आप अपने गुस्से पर काबू पा लेते हो, तो आप अपने आप पर काबू पा लेते हो।”

चेहरे पर गुस्सा आँखों में प्यार
लहज़े में सख्ती दिल में नरमी
डांटने का अजीब तरीक़ा है..!!

जो आंसू मेरी आंखों में
हो उसकी वजह तू बने
इससे बड़ी सजा क्या होगी
इश्क में एक आशिक के लिए.!!

सुनो न ऐसे करोगे तो कैसे चलेगा यार,
कबतक ऐसे ही मुझसे गुस्सा रहेगा यार,
जरा बैठ पास मेरे सुन तो मेरी बात को,
यूँ ही कब तक ज़िद्द पे अड़ा रहेगा यार।

बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है
मिले या ना मिले तू हर हाल मे कबूल है !

जब भी आप हमसे गुस्सा हो जायँगे तो हम बस आप को,
हमारे हाथो की बानी चाय पिलायेंगे,
और जब हम गुस्सा हुए तो आप हमें आइसक्रीम खिलायंगे।

तुमसे शुरू और
तुम पर ही ख़तम
मेरा गुस्सा भी
और प्यार भी !

मीठे का शौक इसलिए भी रखते है
क्योकी ज़िन्दगी की हकीकत
बहुत कड़वी है !

कड़वी दवाई सा तुम्हारा गुस्सा,
ज़रूरी है मेरी तबियत के लिए।

इस दुनिया मे ऐसा कोई भी
व्यक्ति नही जो आपको गुस्सा
दिला सके सब खेल आपके मन का है !

जान अच्छा नहीं होता यूँ दिल जलके बैठ जाना,
छोटी छोटी बात पे तेरा मुँह फुला के बैठ जाना,
गुस्सा है तो झगड़ ले पर बात तो कर,
चल अब बहुत हुआ तड़पना
अब मान भी जा ना।

गुस्से के कुछ अलग
स्वभाव है मिनटो मे यह
सबके भाव बदल देता है !

एक दुसरे से गुस्सा होने पर भी
एक दुसरे का ख्याल रखना
यही तो प्यार है !

उसे देखे बिना जी भी नहीं पाती,
और उसे किसी और के साथ देख कर मर भी नहीं पाती।

मोहब्बत मे शक और गुस्सा वही करता है
जो आपको खुद से ज्यादा प्यार करता है !

थोड़े गुस्से वाले थोड़े नादान हो तुम
लेकिन जैसे भी हो मेरी जान हो तुम !

तुम बहुत क्यूट तो तब दिखती हो,
जब तुम मुझ पर गुस्सा होती हो, और मैं तुम्हे,
मनाता रहता हूँ।

जब आप अपने गुस्से पर काबू पा लेते हो,
तो आप अपने आप पर काबू पा लेते हो।

Two line gussa shayari

जिसके अंदर क्रोध की
दीमक पलती है उस
इन्सान का विनाश निश्चित है !

देखा है मुझे भी गुस्से की नज़र से,
मालूम नहीं आज वो किसी किस से लड़े है।

गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।

देखों इस अजीब तरह से
भी इश्क़ हमसें निभाती है वो,
हमी पे गुस्सा कर फ़िर कंधे
पर सर रख सो जाती है वो।

गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको
होता है।

की तेरा गुस्सा मुझे बहुत पसंद है,
तभी तो तुझे गुस्सा दिलाती हूँ,
मैं तेरी होकर भी तेरी कमजोरी नहीं,
तेरी ताकत बनना चाहती हूँ।

गुस्सा करोगे तो भी आयंगे तुम्हारे पास,
क्युकी तुम्हारे बिना रहने की आदत जो नहीं है।

किस बात पर गुस्सा है, ये पूछने
वाला हो तो,मुस्कान क़भी नहीं जाती।

जिन्हें गुस्सा आता हैं वो लोग
सच्चे होते है मैंने झूठो को
अक्सर मुस्कराते हुए देखा है।

गुस्सा क्यों करते हो बात-बात पर
तुम,शक ज्यादा करते हो या प्यार.

जब कोई गुस्से में आपके सामने बात
करे, तो उसे खामोशी के साथ गौर से
सुने, क्योकि इंसान अक्सर गुस्से मे
बहुत कड़वा बोल देता है।

मुझे गुस्सा उन पर नहीं खुद पर आता है,
के मैंने इतनी ज्यादा उन्हें मोहब्बत क्यों दी थी।

कैसे कह दें कि उनके कुछ नहीं लगते हम,
उनके गुस्से पर आज भी हमारा ही हक है।

तेरे गुस्से पर मुझे आज बहुत
प्यार आया, कोई तो है जिसने
मुझें इतने हक़ से धमकाया।

तुम जब गुस्सा हो जाते हो तो ऐसा लगता है,
मनाते मनाते ज़िन्दगी गुजार दूँ।

मुझे तेरे गुस्से से डर नहीं लगता,
तेरा गुस्सा में झेल लेती हूँ,
हाँ, दिल तो दुखता है तेरे गुस्से से,
लेकिन तुझे खोने के डर से चुप रहती हूँ।

गुस्सा शायरी दो लाइन

मुझे गुस्सा उन पर नहीं खुद पर आता है,
के मैंने इतनी ज्यादा उन्हें मोहब्बत क्यों दी थी।

बहुत परेशान मेरा दिल आज है,
बता मेरे गुस्से का क्या इलाज है।

ना जाने क्यूँ नजर लगी जमाने की,
अब वजह मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज था,
हमारी आदत छूट गई मनाने की।

तुम्हे गुस्सा करने का हक़ है मुझ पर नाराजगी में,
ये मत भूल जाना कि हम बहुत प्यार करते है तुमसे।

उसकी ये मासूम अदा मुझको बेहद भाती है,
वो मुझसे नाराज़ हो तो गुस्सा सबको दिखाती है

तुम्हारे गुस्से में भी प्यार दिखाता है
बाकी अदाएं तो जान लेती ही है हमारी

जब कोई गुस्से में आपके सामने बात करे,
तो उसे खामोशी के साथ गौर से सुने,
क्योकि इंसान अक्सर गुस्से में,
बहुत कड़वा बोल देता है।

गुस्सा आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नही चाहिए,
परन्तु गुस्से में शांत रहने के लिए बहुत ताकत चाहिए।

मेरे गुस्से को प्यार में बदल दे जो
तेरे चेहरे में जादू है वो

मोहब्बत में गुस्सा वही करते है
जो सच्चे दिल से इश्क करते है

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