बिहार का नक्शा

बिहार का मानचित्र-बिहार, भारत का पूर्वी हिस्सा, ऐतिहासिकता, सांस्कृतिक धरोहर और अद्वितीय भूगोलिक सौंदर्य के साथ एक रहस्यमय राज्य है। यहां हम इस प्राचीन जमीन की इतिहास को देखेंगे और बिहार की यात्रा करेंगे।

भूगोलिक रूपरेखा और स्थिति-बिहार उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखंड और पश्चिम में उत्तर प्रदेश से सीमांकित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 94,000 वर्ग किलोमीटर है और इसमें कई अलग-अलग जलवायु और भूगोलिक आवश्यकताएं हैं। इस क्षेत्र को गंगा और सोन जैसी बड़ी नदियाँ समृद्ध करती हैं और इसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती हैं।

bihar ka map with district name
Bihar ka map

बिहार की सीमा रेखा राज्यों के साथ | बिहार की चौहद्दी

भूगोल के कारण बिहार, भारत का पूर्वी राज्य, कई पड़ोसी राज्यों के साथ सीमांकन करता है। इसके उत्तर में नेपाल , पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखंड और दक्षिण-पश्चिम में उत्तर प्रदेश हैं। यहाँ बिहार की सीमा रेखाएँ हैं:

बिहार के उत्तर में– नेपाल उत्तरी सीमा है। यहाँ धार्मिक और नैतिक धरोहर के स्थान हैं, इसलिए यह आकर्षक है।

बिहार के दक्षिणी में – बिहार की दक्षिणी सीमा झारखंड से होती है, जो सांस्कृतिक और भूगोलिक रूप से महत्वपूर्ण है।

बिहार के पूर्व में – पश्चिम बंगाल बिहार की पूर्वी सीमा है। व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र और आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है।

बिहार के पश्चिम में  उत्तर प्रदेश बिहार की पश्चिमी सीमा है। यह क्षेत्र बहुत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक है और कई जिलों से घिरा हुआ है।

बिहार में कितने जिले हैं?

  1. अररिया
  2. अरवल
  3. आवंद
  4. बंका
  5. बेगूसराय
  6. भागलपुर
  7. बक्सर
  8. बहरा
  9. भोजपुर
  10. बक्तियारपुर
  11. चंपारण
  12. दरभंगा
  13. ईशानगर
  14. गया
  15. गोपालगंज
  16. जमुई
  17. जहानाबाद
  18. कैमुर
  19. कटिहार
  20. खगड़िया
  21. किशनगंज
  22. लखीसराय
  23. मधेपुरा
  24. मधुबनी
  25. मुंगेर
  26. मुजफ्फरपुर
  27. नालंदा
  28. नवादा
  29. पटना
  30. पूर्णिया
  31. रोहतास
  32. सहरसा
  33. समस्तीपुर
  34. सारण
  35. शेखपुरा
  36. शिवहर
  37. सीतामढ़ी
  38. सुपौल

बिहार का सबसे बड़ा जिला कौन सा है?

क्षेत्रफल की दृष्टि  पश्चिमी चंपारण

जनसंख्या के दृष्टि – पटना

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

बिहार का ऐतिहासिक महत्व है। यहाँ विश्वविद्यालय, धार्मिक स्थानों और विशिष्ट स्थानों के कारण इसे ‘जागरण केंद्र’ भी कहा जाता है। परंपरागत धार्मिक संस्थानों से लेकर नालंदा विश्वविद्यालय तक, विश्वविद्यालयों की स्थापना में इसका योगदान है।

सांस्कृतिक धरोहर

भारतीय सभ्यता में बिहार एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। भूगोलिक सुंदरता को मंदिर, विहार और स्तूप और भी बढ़ाते हैं। नालंदा, विक्रमशिला, और पटना जैसे स्थान भारत की विशिष्ट संस्कृति को दिखाते हैं।

आधुनिक युग में भी बिहार का महत्व बढ़ता जा रहा है। यहाँ के विकास, शिक्षा, और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी से उन्नति हो रही है।

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